सायरी

 ये खुदा तु ऐसा दुआ दे,

कि तेरे दुआ में हम जी पाए।

अगर वो हमसे चांद-तारे मांगे,

तो भी हम उनको दे पाए।।1


सुना था मैंने एक बार तू जो चाहे वह कर सकता है,

अंधेरी रातों में भी रोशनी भर सकता है।

तो कुछ ऐसा भी कर ये मेरे मालिक,

जिससे सारा संसार कर सकता है।।2


जिसके लिए सारा दुनिया भुला दिए,

वो आज भुलाए बैठे हैं।

जो नजरों में हमेशा बसाए थे हमें,

वही नजरे झकाए बैठे।।3


लगा लेना तो शौक से मेहंदी किसी के नाम की,

हम तुम्हें कभी मना नहीं करेंगे।

उन आंखों में आंसू मत आने देना,

जब हम इस प्यारी दुनिया को छोड़ चलेंग।।4


तेरे चाहत का रंग ऐसा लग गया,

जो हम कभी साफ नहीं कर सकते।

तू छोड़ कर जा रही है अकेले हमें,

तेरे बिना हम जीवित रह नहीं सकते।।5




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